कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध प्लाटिंग का भंडाफोड़, 7 करोड़ की भूमि मुक्त
Illegal plotting on graveyard land busted
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कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध प्लाटिंग का खुलासा।
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नगर निगम ने 7 करोड़ की जमीन मुक्त कराई।
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अमौसी में भी सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त।
लखनऊ। भू-माफिया सरकारी जमीनों को तो बेच रहे हैं तो कब्रिस्तान की भूमि को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। आए दिन ऐसे मामले आ रहे हैं, जिसमे सरकारी जमीनों को बेचा गया है। प्रापर्टी डीलरों द्वारा इंदिरानगर के बस्तौली गांव में कब्रिस्तान की जमीन की प्लाटिंग की जा रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही नगर निगम ने जमीन की पैमाइश कराई।
बस्तौली की गाटा संख्या-99, (क्षेत्रफल 0.177 हेक्टेयर) भूमि राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज पाई गई और नगर निगम के अधीन शासकीय भूमि है। सोमवार को नगर निगम की टीम ने अवैध कब्जों को हटाकर जमीन पर वहां अपना बोर्ड लगा दिया।
जमीन पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराने के साथ प्लाटिंग और व्यावसायिक उपयोग होते पाया गया। सहायक नगर आयुक्त एवं प्रभारी अधिकारी (संपत्ति) रामेश्वर प्रसाद तथा तहसीलदार अरविंद पाण्डेय की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई।
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि खाली कराई गई जमीन की कीमत सात करोड़ है, जो कब्रिस्तान श्रेणी में दर्ज है, जिसे प्लाटिंग कर बेचने की तैयारी है। इसी तरह अमौसी में नगर निगम की जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया। खसरा संख्या 3133 1947 और 1639 में 0.408 हेक्टेयर भूमि पर अस्थाई तौर पर कब्जा किया गया था।